नमस्कार दोस्तो, कंप्यूटर के अंदर हमे किसी भी काम को करने के लिए कोई न कोई सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है। बिना सॉफ्टवेयर के हम कंप्यूटर यां लैपटॉप में अपना कोई काम नहीं कर पाएंगे। ऐसे में इन सॉफ्टवेयर का होना कंप्यूटर के लिए जितना जरूरी है उतना ही जरूरी इन सॉफ्टवेयर को बनाने वाली लैड्ग्वेज का होना जरूरी है। जिन लैड्ग्वेज में ये सॉफ्टवेयर बनते है उन्हे प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज कहते है।
जैसे हमें किसी भी चीज को समझने के लिए भाषा हिन्दी, इंग्लिश, जर्मन आदि भाषा को समझते है। वैसे ही कंप्यूटर के अंदर काम करने वाले प्रोग्राम भी किसी विशेष भाषा को समझते है। आज हम आपको Computer की इन Programming Language के बारे में डिटेल्स में बताने वाले है।
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प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज क्या है?
किसी भी कंप्यूटर को निर्देश देने, उसके लिए सॉफ्टवेयर बनाने के लिए, कंप्यूटर से अपना काम करवाने के लिए जिस लैड्ग्वेज में कंप्यूटर को निर्देश दिये जाते है उस लैड्ग्वेज को Programming Language कहा जाता है।
कंप्यूटर हमारी हिन्दी, इंग्लिश भाषा को नहीं समझता है। ऐसे में उसकी अपनी एक नियम और सिंटैक्स के साथ बनी हुई लैड्ग्वेज होती है जिसके आधार पर वह काम करता है। उसी लैड्ग्वेज में हम कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए सॉफ्टवेयर, एप्लिकेशन तैयार करते है। कंप्यूटर की इसी लैड्ग्वेज को प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज कहा जाता है।
Computer के लिए जो इंसान Programm लिखता है उसे Programmer कहा जाता है।
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प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज का इतिहास
Programing Language जिस प्रकार Computer से जुड़ी हुई है, उसी प्रकार इसका इतिहास भी कंप्यूटर की तरह ही पुराना है। सबसे पहले चार्ल्स बैबेज के Analytical Engine के लिए Ada Lovelace नाम के एक गणितज्ञ और लेखक के द्वारा 1843 में Programming Language लिखी गयी थी।
लेकिन असल मायने में बात की जाए तो यह Programming Language को 1950 के अंदर ForTan यानि Formula Translation नाम से बनाई गयी थी। जिसका उपयोग कैलक्युलेशन के लिए काफी सारे वैज्ञानिक और इंजीनियर करते थे।
परंतु आने वाले समय में इससे भी बढ़िया Programming Language जैसे COBOL, BASIC और ALGOL को 1960 के दशक तक तैयार कर लिया गया था।
इसी के साथ साथ आगे सभी Programming Language की माँ माने जाने वाली C लैड्ग्वेज को 1972 के अंदर डेनिस रिची ने तैयार कर लिया था। इसे पहली हाइ लेवल की प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज माना जाता है, जिसके बाद C++ जैसी अन्य लैड्ग्वेज भी आ गयी थी।
आज के समय में हाइ लेवल, AI जैसी अनेक टेक्नालजी की नयी नयी प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज को तैयार किया जा चुका है। जिससे कंप्यूटर के लिए काफी बड़े बड़े artificial intelligence की मदद से सॉफ्टवेयर और प्रोग्राम तैयार किए जा चुके है।
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प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज कितने प्रकार की है?
प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज को उनके प्रकार के आधार पर अलग अलग जेनेरेशन में बांटा गया है। आज के समय में ये 5 Generation में Divide है। जिसके सबसे पुरानी प्रोग्राममिंग लैड्ग्वेज को 1st Generation में और नयी लैड्ग्वेज जो आज के समय में चल रही है उसे 5th जेनेरेशन में रखा गया है।
- 1st Generation – Machine/Binary Language
- 2nd Generation – Assembly Language
- 3rd Generation – High Level Language
- 4th Generation – Database & Scripting Language
- 5th Generation – AI Model Programming Language
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1st Generation – Machine/Binary Language
First Generation Programming Language के अंदर Low Level की प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज को शामिल किया गया है। जिसके अंदर Machine और Binary दोनों शामिल है। यह 0 और 1 के फॉर्मेट में होती है और इसे कम्प्युटर के सीपीयू के द्वारा रीड किया जाता है।
2nd Generation – Assembly Language
इसके अंदर भी Low Level की Assembly Language को शामिल किया गया है। इसके अंदर मशीन लैड्ग्वेज की तरह 0 और 1 के साथ में अक्षरो का कॉम्बिनेशन करके कोड को छोटा बनाने की कोशिश की गयी थी।
3rd Generation – High Level Language
Programming Language की इस Generation में आने वाली सभी कंप्यूटर लैड्ग्वेज हाइ लेवल की होती है। 3rd Generation की कंप्यूटर लैड्ग्वेज को सॉफ्टवेयर बनाने के लिए तैयार किया गया था।
इसके अंदर C, C++, Java, JavaScript, Visual Basic जैसी काफी सारी लैड्ग्वेज को शामिल किया गया है। कंप्यूटर के बहुत से प्रोग्राम को इस लैड्ग्वेज में क्रिएट किए गए है। इन्हे कंप्यूटर के लिए आसान बनाने के लिए Compiler तथा Interpreter का इस्तेमाल किया जाता है।
4th Generation – Database & Scripting Language
4th Generation के अंदर भी High Level की कंप्यूटर लैड्ग्वेज आती है, जिंका इस्तेमाल कंप्यूटर के अंदर डेटाबेस को बनाने यां scripting के लिए किया जाता है। इसके अंदर SQL, Python, Ruby, MetaLab जैसी लैड्ग्वेज शामिल है।
5th Generation – AI Model Programming Language
इस जेनेरेशन के अंदर प्रोब्लम को सॉल्व करने के लिए Algorithm की बजाय artificial intelligence का इस्तेमाल किया गया है। Prolog, OPS5, Mercury जैसी कंप्यूटर लैड्ग्वेज इस जेनेरेशन के अंदर शामिल है।
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Programming Language कैसे सीखें?
आज के समय में आपकी रुचि किसी सॉफ्टवेयर बनाने, एप्प डिज़ाइन करने यां कंप्यूटर के लिए प्रोग्राम तैयार करने में है तो आपको प्रोग्राममिंग लैड्ग्वेज सिखनी चाहिए। इसके लिए आप C, C++, Java जैसी लैड्ग्वेज से शुरुआत कर सकते है।
इंटरनेट पर काफी सारे ऑनलाइन प्लैटफ़ार्म मौजूद है जो आपको Programming Language सीखा सकते है। इसके अलावा बहुत से ऐसे Computer Centre है जिनमें जाकर आप अपनी पसंद की प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज सीख सकते है।
Programming Language से जुड़ी कुछ अन्य जानकारी
- Android App बनाने के लिए Java लैड्ग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है।
- Apple Company की अपनी प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज SWIFT है जिसके अंदर Apple के Application तैयार किए जाते है।
निष्कर्ष
तो दोस्तो मैंने आज इस आर्टिक्ल के अंदर Computer की Programming Language क्या होती है? तथा प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज की अलग अलग जेनेरेशन कौन कौन सी है इसके बारे में सारी जानकारी डिटेल्स में शेयर की है। आज के आर्टिक्ल पढ़कर आपको Programming लैड्ग्वेज काम कैसे करती है इससे जुड़ी सारी जानकारी भी पता चल गयी होगी।
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